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Showing posts from August, 2022

बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया

 *बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया*  इंसानियत के चेहरे पर एक बदनुमा दाग़ हो गया  बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया  वो तीन साल की बच्ची की जान लेने वाला  वो कुनबे को तेरे वीरान करने वाला हैवान तो वो था अब शैतान हो गया बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया  देश के न्यायालय की क्या ये पहचान हो गई  इन दरिंदों को छोड़ना ये न्याय के ठेकेदारों की शान हो गई  दिल मेरा इन ठेकेदारों के इंसाफ से बेज़ार हो गया  बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया  तेरी इज़्ज़त लूटने वालों का सम्मान हो रहा  ये देख इस देश की हर नारी का दिल रो रहा  जिस देश में मिट्टी को भी हम मां पुकारते जहां नारी की इज़्ज़त करना अपना धर्म मानते  वहीं एक नारी को इंसाफ, बेबस लाचार कर गया  बिल्किस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया             🖋️..... फरहाना

इंसान की यहां पहचान खो गई

 *इंसान की यहां पहचान खो गई*  एक अजब दौर की शुरुआत हो गई इंसान की यहां पहचान खो गई  रोती है बिलखती है इंसानियत यहां गुलामी की बेडी में जकडती जा रही है जां  कुछ बुद्धि जीवो की सरकार हो गई इंसान की यहां पहचान खो गई कैसे हैं ये लोग जाने क्या चाहते  इंसान को क्यों ये अछूत मानते ईश्वर ने बनाने में ना भेद की कोई फिर छुआछूत की गलतफहमी ये क्यों है पालते जुल्म ज्यादती चारों ओर हो गई  इंसान की यहां पहचान खो गई जानवरों से प्यार इंसान पर जुल्म है करते  फिर भी ये खुद को इंसान है समझते जानवरों के नाम पर इंसान का कत्ल आम हो गया  कुत्ता यहां पाक इंसान नापाक हो गया ये तो अब रोज की ही बात हो गई  इंसान की यहां पहचान खो गई एक अजब दौर की शुरुआत हो गए इंसान की यहां पहचान खो गई            🖋️...... फरहाना

तिरंगा

 *तिरंगा*  ऐ तिरंगा तेरी खा़तिर दिलो जां भी क़ुर्बान है  तू ही मेरी आन है तू ही मेरी शान है  तू सदा लहराता जा यूं ही गौरव से खड़ा हमको अपने देश के ध्वज पे अभिमान है  देश के वीरों ने ख़ून से सींचा तुझे  तेरी ख़ातिर सर कटा दी आंच तुझ पर आने ना दी  सरफरोशी दिल में लेकर हम भी आगे बढ़ चले  तेरी गौरव गान करने देख ले अब हम चले  भारत की संतान हम इस मिट्टी की पहचान हम  तिरंगा परचम लहराने देश के रक्षक चले  ऐ तिरंगा तेरी खा़तिर दिलो जां भी क़ुर्बान है  तू ही मेरी आन है तू ही मेरी शान है  उत्तर में है खड़ा हिमालय दक्षिण में है जल तरंग  पश्चिम में मरुस्थल तो दक्षिण में हरियाली है संग  हर दिशा हर क्षेत्र का अलग बोली अलग है रंग-रूप   सब हैं तुझ में ही समाये सबकी है पहचान तू ऐ तिरंगा तेरी खा़तिर दिलो जां भी क़ुर्बान है  तू ही मेरी आन है तू ही मेरी शान है        ‌🖋️..... फरहाना

मुस्कुराना चाहिए

 *मुस्कुराना चाहिए*  जिंदगी की मुश्किलों में हिम्मत जुटाना चाहिए  दर्द जीवन में भी हो तो मुस्कुराना चाहिए  एक ही जीवन है अपना क्यों रखे हम रंजिशे  दिल में पाले नफरतें खुद पर लगाए बंदीशे भूल कर हर गिले-शिकवे हाथ बढ़ाना चाहिए  दर्द जीवन में भी हो तो मुस्कुराना चाहिए  रात कितनी भी हो गहरी सुबह आती है जरूर  गम के बादल गहरा जाए तो बरखा बन जाती है जरूर  दिल में उम्मीदों की शम्मा जलाना चाहिए  दर्द जीवन में भी हो तो मुस्कुराना चाहिए  कितने ऐसे लोग हैं जिन पर जिंदगी हुई बेरहम  हार न मानी उन्होंने जीत का लहराया परचम  हमको भी उन जैसों से सीख लेना चाहिए  दर्द जीवन में भी हो तो मुस्कुराना चाहिए          🖋️...... फरहाना