यही प्यार है

 ना देखूं तो चैन

ना मिलता करार है 

कोई बताए क्या होता 

यही प्यार है 

बगिया के फूलों पर 

जब आती बाहर है 

भंवरा क्यों मदहोश 

मंडराता बेकरार है 

दिल की लगी को 

जब मिलती आवाज है 

तब है मोहब्बत 

या सिर्फ इकरार है 

कोई बताए क्या होता 

यही प्यार है

         🖋️...... फरहाना





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