आखें
..... आंखें .....
तुम लाख छुपालो बातें
आखें न साथ देंगी
लब को तो रोक लोगे
आखें बयां करेंगी
लब पर तो जोर तेरा
आखें हैं आईना दिल का
ये छलक के बोल देगा
जो दिल की दास्तां है
चमक के ये खुशियों का
एहसास करा देगी
नम हो के तेरे ग़म में
मुझको भी मिला देगी
बड़ी शोख है ये आखें
दिल की ही ये सुनेंगी
तुम लाख छुपालो बातें
आखें न साथ देंगी
.... 🖋️ फरहाना, चंडीगढ़
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