बांटते रहो मधुर मुस्कान
*बांटते रहो मधुर मुस्कान*
ना करो अपने जीवन को वीरान
बांटते रहो मधुर मुस्कान
जीवन का चक्र तो चलता रहेगा
दुख सुख इसमें पलता रहेगा
जीवन से अपनी निराशा मिटाओ
सबका करो दिल से सम्मान
बांटते रहो मधुर मुस्कान
राह में गर तुम को तुफ़ान मिले
या कभी तुम पर ग़म के बादल घिरे
मायुसी ना लाओ दिल में कभी
अपनी मेहनत से पालो तुम अपना मुकाम
बांटते रहो मधुर मुस्कान
निराशा के सभी गिरह को खोलो
इसमें आशा के मोती पिरोलो
रोज़ सुरज हमें सिखाता येही
तेज़ धारा मचलके ये देती पैग़ाम
बांटते रहो मधुर मुस्कान
🖋️...... फरहाना
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