फरियाद

 *फरियाद* 


कहां है कहां वो नमाजी कहां है 

वो इमान कहां है वो क़ाज़ी कहां है 


वो इंसाफ पर मर मिटने वाला 

बेबस और यतीमो की मदद करने वाला 


जालिम जहां में उस वक्त भी फैला था

जब काबे को ढाने  अब्राहा हाथी देकर चला था 


अपने नेक बंदों की दुआ खुदा ने ना ठुकराई 

अबाबील के जरिए सारे ज़ालिमो की खुदा ने कर दी सफाई 


आज का अब्राहम भी चल पड़ा खुदा के घर को मिटाने 

कहां है वो दुआएं जो रब की रहमत बुलाए 


चलो मिलकर सब सहाबा की जिंदगी को दोहराएं 

वो मिल्लत को लाएं अमन को फैलाएं


खुदा की मदद आएगी यकीनन 

उससे मांगने के लायक हम बन तो जाएं

                 ‌🖋️..... फरहाना

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