फरियाद
फरियाद
सच बोलना जुल्म हो गया उस मस्ताने का
ऐ खुदा क्या हाल हो गया इस जमाने का
कब तलक के जालिमों को छूट होगी
दे दे अब तो साथ हम दीवानों का
रोज नहीं साजिशें लेकर चला है
काफिला ये इंसानुमा हैवाहनों का
कब तलक के यूं ही चलता जाएगा
सिलसिला ये बेइंसाफ सियासतदानों का
है यकीनन तेरी कुदरत हर तरफ
मुंह काला कर दे अब तो शैतानों का
🖋️...... फरहाना
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