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दर्द

           दर्द  वो बात तुझ में रही नहीं  जो दिल को मेरे दुखा सके  अब लगे हैं इस पर पहरे सख्त  क्या मजाल कोई अब आ सके       बड़ी चोट इसको है लगी  भरा दर्द इसने है सहा  बड़ी देर से है जाना ये जो मिजाज़ जमाना बदल रहा  मैंने महसूस की उन थपेड़ों को  रुख़ हवा कब बदला पता नहीं  मैं उठ कर वहां से ना जा सकी  इस तरह ज़मी मेरी तंग थी  हर चोट मैंने सह लिया  हर दर्द दिल पर ले लिया  मेरी ज़बान फिर भी बंद ही रही                                    🖋️..... फरहाना मेरा साथ इसने दिया नहीं

किसान आंदोलन

 किसान आंदोलन ना रुके कहीं ना झुके कहीं  अपना नाम अमर करवा लिया  ऐ वीर किसान मेरे देश के  नई पहचान तुमने पा लिया  जो छुप के पर्दे के पीछे से  कर रहे थे शैतानियां  उनका पर्दाफाड के लोगों को  असल चेहरा उनका दिखला दिया  ना हिंसा की ना चुप रहे  धैर्य से बस डटे रहे  हजारों मुश्किलें आइ जो  चुपचाप उसको सह गए  हक लेते हैं अपना किस तरह  ये दुनिया को दिखला दिया  ऐ वीर किसान मेरे देश के  नई पहचान तुमने पा लिया  यह जीत तो शुरुआत है  मिलकर जीत और हम को पाना है  हर बुराई से हर जुल्म से  अपने देश को बचाना है                   ....🖋️ फरहाना