चलो एक क़ौम हो जाए
*चलो एक क़ौम हो जाए* चलो ए नौजवानों फिर से हम एक क़ौम हो जाए अपने दीन को जाने और दुनिया से बेखौफ हो जाए हमारा दीन हमारे वास्ते रब की इनायत है हमारे आक़ा ने जो जी के दिखा दी वो सदाकत है जिसे रब की रज़ा हासिल उसे किस शय की जरूरत हो उस पर रब की इनायत दिल में सुकून की नेमत हो वो सहाबी ,वो शोहदा, वो गाजी को देखो वो अल्लाह वाले नमाजी को देखो जिसे दौलत ,ना इज्जत ना ,शोहरत की चाह थी बस नेकी, इबादत और सुन्नत की चाह थी जिसने ठुकराई पैरों से दुनिया की शाही जिसने अदल, इंसाफ दुनिया में नाफिज करके दिखाई क्यों अपनी पहचान भूले हैं दुनिया में डूबे हैं क्यों बुराई में फसे लानत में धसे हैं चलो ए नौजवानों फिर से हम एक क़ौम हो जाए अपने दीन को जाने और दुनिया से बेखौफ हो जाए 🖋️..... फरहाना