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Showing posts from October, 2022

यही प्यार है

 ना देखूं तो चैन ना मिलता करार है  कोई बताए क्या होता  यही प्यार है  बगिया के फूलों पर  जब आती बाहर है  भंवरा क्यों मदहोश  मंडराता बेकरार है  दिल की लगी को  जब मिलती आवाज है  तब है मोहब्बत  या सिर्फ इकरार है  कोई बताए क्या होता  यही प्यार है          🖋️...... फरहाना

दिल के क़रीब हो तो

 *दिल के क़रीब हो तुम*  दूर रहते हो मगर मेरे दिल के क़रीब हो तुम  अजनबी नहीं मेरे मोहसिन अजीब हो तुम रात की तन्हाई में भी तेरी यादें मेरे पहलू से लगी बैठी है क्या बताऊं ऐ दोस्त इस दिल के रक़ीब हो तुम है कुछ बात तुम में जो मैं यूं मर मिटा तुम पे  भोले दिखते हो पर शातिर शदिद हो तुम भला जानो बुरा जानो तुम्हारी अपनी मर्जी है  मुझे तो इश्क तुमसे मेरे आंखों की ईद हो तुम मुझे तो इश्क की बीमारी ने बदहाल कर डाला अब तो तुम दवा मेरे और तबीब भी हो तुम नहीं कुछ याद मुझको बस तेरे नाम के सिवा  कुछ बतला भी दो ज़रा मेरे तो रफ़ीक हो तुम दूर रहते हो मगर मेरे दिल के क़रीब हो तुम  अजनबी नहीं मेरे मोहसिन अजीब हो तुम             🖋️...... फरहाना

*बदलती जिंदगी*

 *बदलती जिंदगी*  जिंदगी की शाम है ये  या शुरू नई कहानी है ठहरे हुए पानी पे  क्यों मौजों की रवानी है  एक वक्त गुजर गया यूंही  तूफान तो कब का ठहर गया  बदलते रूतो के साथ में  फिर हवा हुई दीवानी है  वो साज़ कभी था नया नया  जिससे धुन फिज़ा में बिखरते थे  अब तार भी उसके टूट गए  फिर भी गीत कोई गुनगुनानी है  कौन भला बतलाएगा  मकसद ये जीने का है क्या  जो ठहर गया वो कहां गया  जो गुजर गया वो तो फानी है  मैंने अलाव की तपिश से  पतंगे को मरते देखा है फिर भी उसकी रोशनी में मलंग है वो यही उसकी जिंदगानी है                    🖋️ ......फरहाना

खुशबू मेरे आंगन की

 *खुशबू मेरे आंगन की*  खुशबू मेरे आंगन की  मेरे रब की तू रहमत है  मांगा जिसे दिल से था  वो मेरी तू नेअमत है  तू आज इस चौखट से  रुख़सत हो जाएगी  एक नए आशियाने में  खुशियां फैलाएगी  नाज़ों से पली बेटी  तुझे हर हाल में जाना है  घर छोड़ के बाबुल का  घर अपना बसाना है  रोती हुई आंखों से  फरियाद ये मां की है  शादाब रहे हरदम  दुआ दिन रात ये मां की है जीवन में बस खुशियां हो  दुख का न रहे साया मिले प्यार वहां इतना रहे बहार तुझ पर छाया खुशबू मेरे आंगन की  मेरे रब की तू रहमत है  मांगा जिसे दिल से था  वो मेरी तू नेअमत है           ‌‌🖋️...... फरहाना