अब्बा

 *अब्बा* 


दिल दर्पण और स्नेह भरा मन मीठी बोली अब्बा की

 लंबी दाढ़ी सूरत प्यारी हाथ में तस्बीह अब्बा की 


घर की शान अम्मी की जान हमारा अभिमान तो अब्बा थे

सबसे सच्चे सबसे अच्छे हमारे प्यारे अब्बा थे


 सब खानदान को जोड़ कर रखा अपने प्यार की डोरी से 

टूटने ना दी कड़ियां कोई गर्म सर्द बोली से 


जरूरत पड़ी जिसको मदद की चुपचाप मदद वो करते थे 

ना बतलाते ना जतलाते ऐसे मेरे अब्बा थे 


जीवन सारा संघर्ष भरा पर होटों पर मुस्कान थी 

मेरे अब्बा की बड़ी अनूठी बड़ी अलग पहचान थी 


कभी आदर्श कभी रहबर कभी दोस्त बन जाते थे 

हर रूप में हर रंग में दिल को बड़ा वो भाते थे 


शादी ब्याह या दुख सुख हो अब्बा की शिरकत होती थी 

उनके बिना तो हर खुशी बस सुनी सुनी होती थी 


क्या बतलाऊं क्या जतलाऊं कैसे मेरे अब्बा थे 

बड़े गुणी और बड़े ज्ञानी बड़े ही खास अब्बा थे

           🖋️ फरहाना

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