तिरंगा
*तिरंगा*
ऐ तिरंगा तेरी खा़तिर दिलो जां भी क़ुर्बान है
तू ही मेरी आन है तू ही मेरी शान है
तू सदा लहराता जा यूं ही गौरव से खड़ा
हमको अपने देश के ध्वज पे अभिमान है
देश के वीरों ने ख़ून से सींचा तुझे
तेरी ख़ातिर सर कटा दी आंच तुझ पर आने ना दी
सरफरोशी दिल में लेकर हम भी आगे बढ़ चले
तेरी गौरव गान करने देख ले अब हम चले
भारत की संतान हम इस मिट्टी की पहचान हम
तिरंगा परचम लहराने देश के रक्षक चले
ऐ तिरंगा तेरी खा़तिर दिलो जां भी क़ुर्बान है
तू ही मेरी आन है तू ही मेरी शान है
उत्तर में है खड़ा हिमालय दक्षिण में है जल तरंग
पश्चिम में मरुस्थल तो दक्षिण में हरियाली है संग
हर दिशा हर क्षेत्र का अलग बोली अलग है रंग-रूप
सब हैं तुझ में ही समाये सबकी है पहचान तू
ऐ तिरंगा तेरी खा़तिर दिलो जां भी क़ुर्बान है
तू ही मेरी आन है तू ही मेरी शान है
🖋️..... फरहाना
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