बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया

 *बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया* 


इंसानियत के चेहरे पर एक बदनुमा दाग़ हो गया 

बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया 


वो तीन साल की बच्ची की जान लेने वाला 

वो कुनबे को तेरे वीरान करने वाला


हैवान तो वो था अब शैतान हो गया

बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो

गया 


देश के न्यायालय की क्या ये पहचान हो गई 

इन दरिंदों को छोड़ना ये न्याय के ठेकेदारों की शान हो गई 


दिल मेरा इन ठेकेदारों के इंसाफ से बेज़ार हो गया 

बिल्कीस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया 


तेरी इज़्ज़त लूटने वालों का सम्मान हो रहा 

ये देख इस देश की हर नारी का दिल रो रहा 


जिस देश में मिट्टी को भी हम मां पुकारते

जहां नारी की इज़्ज़त करना अपना धर्म मानते 


वहीं एक नारी को इंसाफ, बेबस लाचार कर गया 

बिल्किस तेरा गुनहगार आज़ाद हो गया

            🖋️..... फरहाना

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